| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 78: गोदानकी विधि, गौओंसे प्रार्थना, गौओंके निष्क्रय और गोदान करनेवाले नरेशोंके नाम » श्लोक 24 |
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| | | | श्लोक 13.78.24  | बार्हस्पत्यं वाक्यमेतन्निशम्य
ये राजानो गोप्रदानानि दत्त्वा।
लोकान् प्राप्ता: पुण्यशीला: प्रवृत्ता-
स्तान् मे राजन् कीर्त्यमानान् निबोध॥ २४॥ | | | | | | अनुवाद | | हे राजन! बृहस्पतिजी का यह उपदेश सुनकर मैं उन राजाओं के नाम कह रहा हूँ जिन्होंने गौओं का दान किया और उसके प्रभाव से उत्तम लोकों को प्राप्त हुए तथा जो सदा के लिए पुण्यात्मा हो गए और अच्छे कर्मों में लग गए॥24॥ | | | | O King! After listening to this advice of Brihaspatiji, I am mentioning the names of those kings who donated cows and attained the best worlds due to its effect and those who became virtuous forever and engaged in good deeds. ॥ 24॥ | | ✨ ai-generated | | |
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