| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 78: गोदानकी विधि, गौओंसे प्रार्थना, गौओंके निष्क्रय और गोदान करनेवाले नरेशोंके नाम » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 13.78.19  | गा वै दत्त्वा गोव्रती स्यात् त्रिरात्रं
निशां चैकां संवसेतेह ताभि:।
कामाष्टम्यां वर्तितव्यं त्रिरात्रं
रसैर्वा गो: शकृता प्रस्नवैर्वा॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘गौदान करने के बाद मनुष्य को तीन रात्रि तक गौव्रत रखना चाहिए और एक रात्रि गायों के साथ रहना चाहिए। कामाष्टमी से तीन रात्रि तक गोबर, गोदुग्ध अथवा गोदुग्ध का सेवन करना चाहिए।॥19॥ | | | | ‘After donating a cow, a person should observe a cow fast for three nights and stay with the cows for one night. From Kamashtami onwards, one should consume cow dung, cow milk or cow's milk for three nights.॥ 19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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