Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.75.5: सहस्राक्ष! वे संसार के समान गुणों से युक्त हैं, उनका वर्णन सुनो। काल और बुढ़ापा वहाँ आक्रमण नहीं करते। अग्नि में भी शक्ति नहीं है।॥5॥ | mahabharat अध्याय 13.75: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गोदानकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते तु लोका: सहस्राक्ष शृणु यादृग्गुणान्विता:।
न तत्र क्रमते कालो न जरा न च पावक:॥ ५॥
अनुवाद
सहस्राक्ष! वे संसार के समान गुणों से युक्त हैं, उनका वर्णन सुनो। काल और बुढ़ापा वहाँ आक्रमण नहीं करते। अग्नि में भी शक्ति नहीं है।॥5॥
Sahasraksha! They are endowed with qualities like the world, listen to their description. Time and old age do not attack there. Even fire has no power. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥