Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.71.18: जो जन्म देता है, जो भय से रक्षा करता है और जो जीविका प्रदान करता है - ये तीनों ही पिता के समान हैं ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 13.71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.71.18 
यश्चैनमुत्पादयते यश्चैनं त्रायते भयात्।
यश्चास्य कुरुते वृत्तिं सर्वे ते पितरस्त्रय:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जो जन्म देता है, जो भय से रक्षा करता है और जो जीविका प्रदान करता है - ये तीनों ही पिता के समान हैं ॥18॥
 
The one who gives birth, the one who protects from fear and the one who provides livelihood - all these three are like a father. ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)