श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  13.71.16 
भिक्षवे बहुपुत्राय श्रोत्रियायाहिताग्नये।
दत्त्वा दशगवां दाता लोकानाप्नोत्यनुत्तमान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जो दानी बहुत से पुत्रों वाले, श्रोत्रिय (वेदों के ज्ञाता), अग्निहोत्री ब्राह्मण और गौ मांगने वाले को दस गौएँ देता है, वह परम लोकों को प्राप्त होता है ॥16॥
 
A donor who gives ten cows to a person who has many sons, is a Shrotri (knower of the Vedas), an Agnihotri Brahmin and is begging for a cow, attains the highest worlds. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)