श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.71.1 
युधिष्ठिर उवाच
भूय एव कुुरुश्रेष्ठ दानानां विधिमुत्तमम्।
कथयस्व महाप्राज्ञ भूमिदानं विशेषत:॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले- हे कुरुश्रेष्ठ! कृपया दान की उत्तम विधि पुनः बताइए। विशेषकर भूमिदान का माहात्म्य समझाइए।
 
Yudhishthir said – Greatest Kurus! Please describe the best method of donation again. Especially explain the importance of land donation. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)