Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.68.10: हे प्रभु! ये तिल महर्षि कश्यप के शरीर के अंगों से प्रकट हुए हैं और इनका विस्तार हुआ है; अतः दान के कारण ये दिव्य हो गए हैं॥10॥ | mahabharat अध्याय 13.68: जूता, शकट, तिल, भूमि, गौ और अन्नके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! ये तिल महर्षि कश्यप के शरीर के अंगों से प्रकट हुए हैं और इनका विस्तार हुआ है; अतः दान के कारण ये दिव्य हो गए हैं॥10॥
O Lord! These sesame seeds have appeared from the body parts of Maharishi Kashyap and have expanded; therefore, they have become divine because of the donation.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥