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mahabharat 13.66.27: जो पुण्यात्मा मनुष्य प्रतिदिन अभिजित नक्षत्र के संयोग में बुद्धिमान ब्राह्मणों को शहद और घी से मिश्रित दूध देता है, वह स्वर्ग में सम्मानित होता है ॥27॥   |   mahabharat अध्याय 13.66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  13.66.27 
दुग्धं त्वभिजिते योगे दत्त्वा मधुघृतप्लुतम्।
धर्मनित्यो मनीषिभ्य: स्वर्गलोके महीयते॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जो पुण्यात्मा मनुष्य प्रतिदिन अभिजित नक्षत्र के संयोग में बुद्धिमान ब्राह्मणों को शहद और घी से मिश्रित दूध देता है, वह स्वर्ग में सम्मानित होता है ॥27॥
 
The pious person who daily gives milk mixed with honey and ghee to the wise Brahmins in conjunction with Abhijit Nakshatra, is honored in heaven. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)