Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.66.24: जो मनुष्य मूल नक्षत्र में एकाग्रचित्त होकर ब्राह्मणों को मूल-मूल और फल दान करता है, उसके पितर तृप्त होते हैं और उसे अभीष्ट गति की प्राप्ति होती है। | mahabharat अध्याय 13.66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य मूल नक्षत्र में एकाग्रचित्त होकर ब्राह्मणों को मूल-मूल और फल दान करता है, उसके पितर तृप्त होते हैं और उसे अभीष्ट गति की प्राप्ति होती है।
A person who, with concentration during the Moola Nakshatra, donates roots and fruits to Brahmins, satisfies his ancestors and attains the desired destination. 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥