Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.66.22: जो मनुष्य अनुराधा नक्षत्र में व्रत रखता है तथा वस्त्र और उत्तम अन्न का दान करता है, वह सौ युगों तक स्वर्ग में सम्मानपूर्वक निवास करता है ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 13.66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.66.22 
अनुराधासु प्रावारं वरान्नं समुपोषित:।
दत्त्वा युगशतं चापि नर: स्वर्गे महीयते॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य अनुराधा नक्षत्र में व्रत रखता है तथा वस्त्र और उत्तम अन्न का दान करता है, वह सौ युगों तक स्वर्ग में सम्मानपूर्वक निवास करता है ॥22॥
 
A person who fasts during the Anuradha Nakshatra and donates clothes and good food, lives with respect in the heaven for a hundred yugas. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)