Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.64.70: हे इन्द्र! पृथ्वी का दान करने के साथ-साथ मनुष्य समुद्र, नदी, पर्वत और सम्पूर्ण वन का भी दान करता है (अर्थात् इन सबके दान का फल उसे प्राप्त होता है)। | mahabharat अध्याय 13.64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे इन्द्र! पृथ्वी का दान करने के साथ-साथ मनुष्य समुद्र, नदी, पर्वत और सम्पूर्ण वन का भी दान करता है (अर्थात् इन सबके दान का फल उसे प्राप्त होता है)।
Indra! Along with donating the earth, a man also donates the sea, the river, the mountain and the entire forest (i.e. he receives the fruits of donating all these).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥