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यथा सस्यानि रोहन्ति प्रकीर्णानि महीतले।
तथा कामा: प्ररोहन्ति भूमिदानसमार्जिता:॥ ४७॥
अनुवाद
जिस प्रकार भूमि में बोए गए बीज फसल के रूप में अंकुरित होते हैं और अधिक अन्न पैदा करते हैं, उसी प्रकार भूमि दान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Just like the seeds sown in the land germinate in the form of crops and produce more food grains, in the same way by donating land all the desires are fulfilled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥