Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.64.30: हे महात्मन! जैसे गाय अपने बछड़े के प्रति स्नेह से भरी हुई अपने थनों से दूध बहाती हुई उसे खिलाने के लिए दौड़ती है, उसी प्रकार यह पृथ्वी भूमि दान करने वाले को सुख देने के लिए दौड़ती है॥30॥ | mahabharat अध्याय 13.64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महात्मन! जैसे गाय अपने बछड़े के प्रति स्नेह से भरी हुई अपने थनों से दूध बहाती हुई उसे खिलाने के लिए दौड़ती है, उसी प्रकार यह पृथ्वी भूमि दान करने वाले को सुख देने के लिए दौड़ती है॥30॥
O great one! Just as a cow, filled with affection for its calf, runs to feed it, shedding milk from its udders, in the same way this earth runs to bestow happiness on the one who donates land. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥