Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.64.25: जो लोग अपने स्वामी के कल्याण के लिए युद्धभूमि में मारे जाकर अपने शरीर का त्याग करते हैं और जो सिद्ध होकर ब्रह्मा के धाम को प्राप्त होते हैं, वे भी भूमिदान करने वाले और आगे बढ़ने वाले व्यक्ति से आगे नहीं बढ़ पाते ॥25॥ | mahabharat अध्याय 13.64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग अपने स्वामी के कल्याण के लिए युद्धभूमि में मारे जाकर अपने शरीर का त्याग करते हैं और जो सिद्ध होकर ब्रह्मा के धाम को प्राप्त होते हैं, वे भी भूमिदान करने वाले और आगे बढ़ने वाले व्यक्ति से आगे नहीं बढ़ पाते ॥25॥
Those who sacrifice their bodies by getting killed on the battlefield for the welfare of their master and those who reach the abode of Brahma after becoming a Siddha, even they are not able to surpass the person who donates land and move ahead. ॥25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥