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mahabharat 13.64.23: जो अत्यन्त बुद्धिमान मनुष्य पृथ्वी का दान करता है, सोना, चाँदी, वस्त्र, मणि, मोती और रत्न का दान करता है (अर्थात् वह इन सब दानों का फल पाता है)। 23॥   |   mahabharat अध्याय 13.64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.64.23 
सुवर्णं रजतं वस्त्रं मणिमुक्तावसूनि च।
सर्वमेतन्महाप्राज्ञो ददाति वसुधां ददत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जो अत्यन्त बुद्धिमान मनुष्य पृथ्वी का दान करता है, सोना, चाँदी, वस्त्र, मणि, मोती और रत्न का दान करता है (अर्थात् वह इन सब दानों का फल पाता है)। 23॥
 
A very intelligent person who donates the earth, donates gold, silver, clothes, gems, pearls and gems (that is, he gets the fruits of all these donations). 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)