Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.64.13: जो राजा इस पृथ्वी को विद्वान ब्राह्मणों को दान करता है, वह इस दान के प्रभाव से पुनः अपना राज्य प्राप्त करता है। यह पृथ्वी का दान संसार में सभी को प्रिय है॥13॥ | mahabharat अध्याय 13.64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य एतां विदुषे दद्यात् पृथिवीं पृथिवीपति:।
पृथिव्यामेतदिष्टं स राजा राज्यमितो व्रजेत्॥ १३॥
अनुवाद
जो राजा इस पृथ्वी को विद्वान ब्राह्मणों को दान करता है, वह इस दान के प्रभाव से पुनः अपना राज्य प्राप्त करता है। यह पृथ्वी का दान संसार में सभी को प्रिय है॥13॥
The king who donates this earth to learned Brahmins regains his kingdom due to the effect of this donation. This donation of earth is loved by everyone in the world.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥