Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.61.40: इसी सत्य के कारण मैं पुण्यात्माओं के पवित्र लोकों को देख पा रहा हूँ, जहाँ ब्राह्मण और ब्रह्माजी की प्रधानता है। हे प्रिये! मुझे शीघ्र ही उन लोकों में दीर्घकाल के लिए जाना है।॥40॥ | mahabharat अध्याय 13.61: भीष्मद्वारा उत्तम दान तथा उत्तम ब्राह्मणोंकी प्रशंसा करते हुए उनके सत्कारका उपदेश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पश्येयं च सतां लोकान् शुचीन् ब्रह्मपुरस्कृतान्।
तत्र मे तात गन्तव्यमह्नाय च चिराय च॥ ४०॥
अनुवाद
इसी सत्य के कारण मैं पुण्यात्माओं के पवित्र लोकों को देख पा रहा हूँ, जहाँ ब्राह्मण और ब्रह्माजी की प्रधानता है। हे प्रिये! मुझे शीघ्र ही उन लोकों में दीर्घकाल के लिए जाना है।॥40॥
It is because of this truth that I am able to see the holy worlds of the virtuous where Brahmins and Brahmaji are predominant. O dear! I have to go to those worlds very soon for a long time. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥