Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.61.39: हे पाण्डुपुत्र! मैं यह सत्य कह रहा हूँ और चाहता हूँ कि इस सत्य के प्रभाव से मैं उन्हीं लोकों में जाऊँ जहाँ मेरे पिता शान्तनु गए हैं ॥39॥ | mahabharat अध्याय 13.61: भीष्मद्वारा उत्तम दान तथा उत्तम ब्राह्मणोंकी प्रशंसा करते हुए उनके सत्कारका उपदेश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पाण्डुपुत्र! मैं यह सत्य कह रहा हूँ और चाहता हूँ कि इस सत्य के प्रभाव से मैं उन्हीं लोकों में जाऊँ जहाँ मेरे पिता शान्तनु गए हैं ॥39॥
O son of Pandu! I am saying this truthfully and wish that by the effect of this truth I may go to the same worlds where my father Shantanu has gone. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥