Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.61.19: द्विज द्वारा सायंकाल और प्रातःकाल विधिपूर्वक अग्निहोत्र करने का फल वही है जो अनुशासित ब्राह्मणों को दान देने से मिलता है॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.61: भीष्मद्वारा उत्तम दान तथा उत्तम ब्राह्मणोंकी प्रशंसा करते हुए उनके सत्कारका उपदेश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथाग्निहोत्रं सुहुतं सायंप्रातर्द्विजातिना।
तथा दत्तं द्विजातिभ्यो भवत्यथ यतात्मसु॥ १९॥
अनुवाद
द्विज द्वारा सायंकाल और प्रातःकाल विधिपूर्वक अग्निहोत्र करने का फल वही है जो अनुशासित ब्राह्मणों को दान देने से मिलता है॥19॥
The result of a Dwija performing Agnihotra in the evening and morning as per the prescribed rituals is the same as the result of donating to disciplined Brahmins.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥