श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.60.4 
तडागानां च वक्ष्यामि कृतानां चापि ये गुणा:।
त्रिषु लोकेषु सर्वत्र पूजनीयस्तडागवान्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
मैं तालाब बनाने के लाभ का भी वर्णन करूँगा। जो व्यक्ति तालाब बनाता है, वह तीनों लोकों में सर्वत्र सम्मानित होता है ॥4॥
 
I will also describe the benefits of constructing a pond. The person who constructs a pond is respected everywhere in the three worlds. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)