श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  13.60.29 
किन्नरोरगरक्षांसि देवगन्धर्वमानवा:।
तथा ऋषिगणाश्चैव संश्रयन्ति महीरुहान्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
किन्नर, नाग, राक्षस, देवता, गंधर्व, मनुष्य और ऋषि समुदाय - ये सभी वृक्षों में आश्रय लेते हैं।
 
Kinnaras, serpents, demons, gods, Gandharvas, human beings and communities of sages - all of them take shelter in trees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)