Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.6.43: जैसे छोटी सी अग्नि वायु की सहायता से बहुत बड़ी हो जाती है, वैसे ही मनुष्य के प्रयत्न से ईश्वर की शक्ति बढ़ती है ॥ 43॥   |   mahabharat अध्याय 13.6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  13.6.43 
यथाग्नि: पवनोद्‍धूत: सुसूक्ष्मोऽपि महान् भवेत्।
तथा कर्मसमायुक्तं दैवं साधु विवर्धते॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
जैसे छोटी सी अग्नि वायु की सहायता से बहुत बड़ी हो जाती है, वैसे ही मनुष्य के प्रयत्न से ईश्वर की शक्ति बढ़ती है ॥ 43॥
 
Just as a small fire becomes very big with the help of air, similarly the power of God increases with the help of human effort. ॥ 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)