Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.6.30: प्राचीन काल में जब राजा ययाति के पुण्य क्षीण हो गए तो वे स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़े; किन्तु उनके पुण्यशाली पौत्रों ने उन्हें पुनः स्वर्ग में पहुँचा दिया।   |   mahabharat अध्याय 13.6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  13.6.30 
पुरा ययातिर्विभ्रष्टश्च्यावित: पतित: क्षितौ।
पुनरारोपित: स्वर्गं दौहित्रै: पुण्यकर्मभि:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में जब राजा ययाति के पुण्य क्षीण हो गए तो वे स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़े; किन्तु उनके पुण्यशाली पौत्रों ने उन्हें पुनः स्वर्ग में पहुँचा दिया।
 
In ancient times, when King Yayati's virtues were exhausted, he fell from heaven to the earth; but his virtuous grandsons brought him back to heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)