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पुरा ययातिर्विभ्रष्टश्च्यावित: पतित: क्षितौ।
पुनरारोपित: स्वर्गं दौहित्रै: पुण्यकर्मभि:॥ ३०॥
अनुवाद
प्राचीन काल में जब राजा ययाति के पुण्य क्षीण हो गए तो वे स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़े; किन्तु उनके पुण्यशाली पौत्रों ने उन्हें पुनः स्वर्ग में पहुँचा दिया।
In ancient times, when King Yayati's virtues were exhausted, he fell from heaven to the earth; but his virtuous grandsons brought him back to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥