Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.6.20: जो मनुष्य मनुष्य होने के योग्य कर्तव्यों का पालन नहीं करता, केवल भगवान की इच्छा का पालन करता है, वह भगवान की शरण में जाकर भी व्यर्थ ही दुःख भोगता है। जैसे नपुंसक पति होने पर भी स्त्री दुःख भोगती है। | mahabharat अध्याय 13.6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य मनुष्य होने के योग्य कर्तव्यों का पालन नहीं करता, केवल भगवान की इच्छा का पालन करता है, वह भगवान की शरण में जाकर भी व्यर्थ ही दुःख भोगता है। जैसे नपुंसक पति होने पर भी स्त्री दुःख भोगती है।
A man who does not perform the duties befitting a human being and only follows the will of God, suffers in vain by taking shelter of God. Just like a woman suffers even after having an impotent husband.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥