भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
वसिष्ठस्य च संवादं ब्रह्मणश्च युधिष्ठिर॥ २॥
अनुवाद
भीष्मजी ने कहा-युधिष्ठिर! इस संबंध में एक प्राचीन इतिहास का उदाहरण वशिष्ठ और ब्रह्माजी के संवाद के रूप में दिया जाता है। 2॥
Bhishmaji said – Yudhishthir! In this regard, an example from an ancient history is given in the form of a dialogue between Vashishtha and Brahmaji. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥