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mahabharat 13.6.18: जिन्होंने तीनों लोकों, दैत्यों और सम्पूर्ण देवताओं की रचना की है, वही भगवान विष्णु समुद्र में निवास करते हैं और तपस्या करते हैं ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 13.6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.6.18 
येन लोकास्त्रय: सृष्टा दैत्या: सर्वाश्च देवता:।
स एष भगवान‍् विष्णु: समुद्रे तप्यते तप:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जिन्होंने तीनों लोकों, दैत्यों और सम्पूर्ण देवताओं की रचना की है, वही भगवान विष्णु समुद्र में निवास करते हैं और तपस्या करते हैं ॥18॥
 
The one who has created the three worlds, the demons and all the gods, the same Lord Vishnu resides in the ocean and performs tapasya. ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)