श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.6.1 
युधिष्ठिर उवाच
पितामह महाप्राज्ञ सर्वशास्त्रविशारद।
दैवे पुरुषकारे च किंस्वित् श्रेष्ठतरं भवेत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हे महाज्ञानी पितामह, समस्त शास्त्रों के ज्ञाता! ईश्वर और पुरुषार्थ में श्रेष्ठ कौन है?॥1॥
 
Yudhishthir asked – Great wise grandfather, expert in all the scriptures! Who is superior between God and effort? 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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