Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.59.40: जो मनुष्य ब्राह्मण को सुगन्धित शय्या और तकिये सहित शय्या दान करता है, उसे बिना किसी प्रयास के ही उत्तम कुल में जन्म लेने वाली अथवा सुन्दर केश वाली, सुन्दर और रूपवती स्त्री प्राप्त होती है ॥40॥ | mahabharat अध्याय 13.59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य ब्राह्मण को सुगन्धित शय्या और तकिये सहित शय्या दान करता है, उसे बिना किसी प्रयास के ही उत्तम कुल में जन्म लेने वाली अथवा सुन्दर केश वाली, सुन्दर और रूपवती स्त्री प्राप्त होती है ॥40॥
The man who donates a fragrant bed and a bed with pillows to a Brahmin, without any effort, gets a wife born in a good family or with beautiful hair, beautiful and charming. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥