Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.59.32: जो मनुष्य ब्राह्मण विधि से अपनी कन्या दान करता है, ब्राह्मण को भूमि दान करता है और विधिपूर्वक अन्नदान करता है, वह इन्द्रलोक को प्राप्त होता है।   |   mahabharat अध्याय 13.59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  13.59.32 
यो ब्रह्मदेयां तु ददाति कन्यां
भूमिप्रदानं च करोति विप्रे।
ददाति चान्नं विधिवच्च यश्च
स लोकमाप्नोति पुरंदरस्य॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य ब्राह्मण विधि से अपनी कन्या दान करता है, ब्राह्मण को भूमि दान करता है और विधिपूर्वक अन्नदान करता है, वह इन्द्रलोक को प्राप्त होता है।
 
The person who gives his daughter in charity according to the Brahmanical method, donates land to a Brahmin and gives food in charity according to the prescribed method, attains Indraloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)