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mahabharat 13.59.12: जो मनुष्य दूध पीकर जीवनयापन करता है, वह स्वर्ग को जाता है और दान देने से धनवान होता है। गुरु की सेवा करने से ज्ञान प्राप्त होता है और प्रतिदिन श्राद्ध करने से संतान की प्राप्ति होती है। 12॥   |   mahabharat अध्याय 13.59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  13.59.12 
पयोभक्षो दिवं याति दानेन द्रविणाधिक:।
गुरुशुश्रूषया विद्या नित्यश्राद्धेन संतति:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य दूध पीकर जीवनयापन करता है, वह स्वर्ग को जाता है और दान देने से धनवान होता है। गुरु की सेवा करने से ज्ञान प्राप्त होता है और प्रतिदिन श्राद्ध करने से संतान की प्राप्ति होती है। 12॥
 
A man who lives by drinking milk goes to heaven and by giving alms he becomes richer. By serving the Guru one attains knowledge and by performing daily Shraddha one attains children. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)