भीष्मजी कहते हैं - भरत श्रेष्ठ है! महात्मा च्यवन मुनिका के ये वचन सुनकर धर्मात्मा राजा कुशिक अत्यन्त प्रसन्न हुए और बोले - 'भगवन्! मुझे ऐसी ही आशा है।'
Bhishmaji says – Bharat is the best! Hearing these words of Mahatma Chyavan Munika, the virtuous King Kushik became very happy and said, 'Lord! I hope so'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥