Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.57.23-24h: नरेन्द्र! इसके बाद मैं रथ पर सवार हुआ और कहा, "अपनी पत्नी सहित आओ और मेरा रथ खींचो।" हे नरदेव! तुमने यह कार्य निःसंदेह पूरा किया। इससे मैं भी तुमसे बहुत प्रसन्न हुआ। | mahabharat अध्याय 13.57: च्यवनका कुशिकके पूछनेपर उनके घरमें अपने निवासका कारण बताना और उन्हें वरदान देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेन्द्र! इसके बाद मैं रथ पर सवार हुआ और कहा, "अपनी पत्नी सहित आओ और मेरा रथ खींचो।" हे नरदेव! तुमने यह कार्य निःसंदेह पूरा किया। इससे मैं भी तुमसे बहुत प्रसन्न हुआ।
Narendra! After this I mounted the chariot and said, come along with your wife and pull my chariot. O Lord of men! You completed this task without any doubt. This also made me very happy with you. 23 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥