Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.56.8: कहीं कमल और कुमुदिनियों से भरी सुन्दर झीलें दिखाई दे रही थीं। कहीं हवाई जहाज़ के आकार में बने पहाड़ों जैसे ऊँचे महल दिखाई दे रहे थे। वहाँ हर मौसम के फूल खिले हुए थे। | mahabharat अध्याय 13.56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहीं कमल और कुमुदिनियों से भरी सुन्दर झीलें दिखाई दे रही थीं। कहीं हवाई जहाज़ के आकार में बने पहाड़ों जैसे ऊँचे महल दिखाई दे रहे थे। वहाँ हर मौसम के फूल खिले हुए थे।
Somewhere, beautiful lakes filled with lotus and water lilies were seen. Somewhere, tall palaces like mountains were seen which were built in the shape of aeroplanes. Flowers of all seasons were blooming there. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥