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mahabharat 13.56.7: राजा ने भिन्न-भिन्न स्थानों पर श्याम तमाल, वरनपुष्पा तथा अष्टपादिका लताएँ निर्मित देखीं। 7॥   |   mahabharat अध्याय 13.56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  13.56.7 
श्यामान् वारणपुष्पांश्च तथाष्टपदिका लता:।
तत्र तत्र परिक्लृप्ता ददर्श स महीपति:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
राजा ने भिन्न-भिन्न स्थानों पर श्याम तमाल, वरनपुष्पा तथा अष्टपादिका लताएँ निर्मित देखीं। 7॥
 
The king saw Shyam Tamal, Varanpushpa and Ashtapadika creepers built at different places. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)