Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.55.68: नगर में प्रवेश करते ही उन्होंने प्रातःकालीन सभी अनुष्ठान पूरे किए। फिर अपनी पत्नी के साथ भोजन करने के बाद, पराक्रमी राजा ने अपने महल में रात्रि विश्राम किया।   |   mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  13.55.68 
तत: प्रविश्य नगरं कृत्वा पौर्वाह्णिकी: क्रिया:।
भुक्त्वा सभार्यो रजनीमुवास स महाद्युति:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
नगर में प्रवेश करते ही उन्होंने प्रातःकालीन सभी अनुष्ठान पूरे किए। फिर अपनी पत्नी के साथ भोजन करने के बाद, पराक्रमी राजा ने अपने महल में रात्रि विश्राम किया।
 
Entering the city he completed all the morning rituals. Then after having dinner with his wife, the mighty king spent the night in his palace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)