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mahabharat 13.55.66: तत्पश्चात् मन्त्री, पुरोहित, सेनापति, नर्तक और समस्त सामान्य लोग उनके पीछे-पीछे चले ॥66॥   |   mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  13.55.66 
तत एनमुपाजग्मुरमात्या: सपुरोहिता:।
बलस्था गणिकायुक्ता: सर्वा: प्रकृतयस्तथा॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मन्त्री, पुरोहित, सेनापति, नर्तक और समस्त सामान्य लोग उनके पीछे-पीछे चले ॥66॥
 
Thereafter, ministers, priests, commanders, dancers and all the common people followed him. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)