Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.65: महर्षि की यह आज्ञा पाकर राजा कुशिक ने उन्हें प्रणाम किया और विदा लेकर देवताओं के राजा के समान तेजस्वी शरीर वाले अपने नगर की ओर चल पड़े। | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि की यह आज्ञा पाकर राजा कुशिक ने उन्हें प्रणाम किया और विदा लेकर देवताओं के राजा के समान तेजस्वी शरीर वाले अपने नगर की ओर चल पड़े।
On receiving this command from the Maharishi, King Kushika bowed to him and took leave and proceeded towards his city having a body as radiant as that of the King of the Gods.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥