Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.37: ‘रास्ते से कोई भी यात्री न हटे, मैं उन सबको धन दूँगा। मार्ग में जो भी ब्राह्मण मुझसे माँगेगा, मैं उसे वही दूँगा।’ 37. | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘रास्ते से कोई भी यात्री न हटे, मैं उन सबको धन दूँगा। मार्ग में जो भी ब्राह्मण मुझसे माँगेगा, मैं उसे वही दूँगा।’ 37.
‘No traveller should be removed from the road, I will give them all money. Whatever Brahmin on the road asks me for, I will give him that very thing. 37.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥