Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.50.28: अन्तेवासायी निषाद जाति की स्त्री के गर्भ से चाण्डाल के वीर्य से उत्पन्न होता है। इस जाति के लोग सदैव श्मशान में रहते हैं। निषाद आदि अन्य जाति के लोग भी उसे बहिष्कृत या अछूत मानते हैं। 28॥ | mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्तेवासायी निषाद जाति की स्त्री के गर्भ से चाण्डाल के वीर्य से उत्पन्न होता है। इस जाति के लोग सदैव श्मशान में रहते हैं। निषाद आदि अन्य जाति के लोग भी उसे बहिष्कृत या अछूत मानते हैं। 28॥
Antevasayee is born from the semen of Chandal in a woman of Nishad caste. People of this caste always live in the crematorium. People of outside caste like Nishad etc. also consider him an outcast or untouchable. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥