Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.50.24: वही पापिनी स्त्री जब चांडाल के साथ संभोग करती है, तो वह पुल्कस जाति को जन्म देती है। पुल्कस जाति के लोग गधे, घोड़े और हाथियों का मांस खाते हैं। वे मृतक पर डाले गए कफन पहनते हैं और टूटे-फूटे बर्तनों में भोजन करते हैं। | mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वही पापिनी स्त्री जब चांडाल के साथ संभोग करती है, तो वह पुल्कस जाति को जन्म देती है। पुल्कस जाति के लोग गधे, घोड़े और हाथियों का मांस खाते हैं। वे मृतक पर डाले गए कफन पहनते हैं और टूटे-फूटे बर्तनों में भोजन करते हैं।
When the same sinful woman has intercourse with a Chandala, she gives birth to the Pulkas caste. The Pulkas eat the meat of donkeys, horses and elephants. They wear the shrouds that have been put on the dead and eat in broken utensils.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥