Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.50.12: क्षत्रिय स्त्री से वैश्य को उत्पन्न पुत्र बंदी और मागध कहलाता है। वह लोगों की स्तुति करके जीविका चलाता है। इसी प्रकार यदि शूद्र क्षत्रिय स्त्री के साथ सहवास करता है, तो निषाद जाति का मछुआरा उत्पन्न होता है।॥12॥ | mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय स्त्री से वैश्य को उत्पन्न पुत्र बंदी और मागध कहलाता है। वह लोगों की स्तुति करके जीविका चलाता है। इसी प्रकार यदि शूद्र क्षत्रिय स्त्री के साथ सहवास करता है, तो निषाद जाति का मछुआरा उत्पन्न होता है।॥12॥
The son born to a Vaishya from a Kshatriya woman is called Bandi and Magadh. He earns his living by praising people. Similarly, if a Shudra has sexual intercourse with a Kshatriya woman, then a fisherman of the Nishad caste is born.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥