Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.50.11: इसी प्रकार शूद्र ब्राह्मणी के साथ सहवास करके अत्यन्त भयंकर चाण्डाल को जन्म देता है, जो गाँव के बाहर रहता है और मारे जाने वाले लोगों को मृत्युदण्ड देता है। हे प्रभो! हे बुद्धिमानों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर! जब नीच पुरुष ब्राह्मणी के साथ सहवास करते हैं, तब ये सब कुलांगार पुत्र उत्पन्न होते हैं और वर्णसंकर कहलाते हैं।॥11॥ | mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार शूद्र ब्राह्मणी के साथ सहवास करके अत्यन्त भयंकर चाण्डाल को जन्म देता है, जो गाँव के बाहर रहता है और मारे जाने वाले लोगों को मृत्युदण्ड देता है। हे प्रभो! हे बुद्धिमानों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर! जब नीच पुरुष ब्राह्मणी के साथ सहवास करते हैं, तब ये सब कुलांगार पुत्र उत्पन्न होते हैं और वर्णसंकर कहलाते हैं।॥11॥
Similarly, a Shudra, by mating with a Brahmin woman, gives birth to a very fearsome Chandala, who lives outside the village and gives death sentence to the people who are to be killed. O Lord! Yudhishthira, the best among the wise! When lowly men have intercourse with a Brahmin woman, all these sons of Kulangaar are born and are called Varnasankar.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥