Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.5.8: वह नेक और कृतज्ञ तोता कहीं नहीं गया। उसने चारा भी चोंच मारना बंद कर दिया था। वह इतना कमज़ोर हो गया था कि बोल भी नहीं पाता था। इस तरह, वह खुद भी उस पेड़ के साथ सूख रहा था। | mahabharat अध्याय 13.5: स्वामिभक्त एवं दयालु पुरुषकी श्रेष्ठता बतानेके लिये इन्द्र और तोतेके संवादका उल्लेख । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह नेक और कृतज्ञ तोता कहीं नहीं गया। उसने चारा भी चोंच मारना बंद कर दिया था। वह इतना कमज़ोर हो गया था कि बोल भी नहीं पाता था। इस तरह, वह खुद भी उस पेड़ के साथ सूख रहा था।
That pious and grateful parrot did not go anywhere. He had even stopped pecking at fodder. He had become so weak that he could not even speak. In this way, he himself was drying up along with that tree.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥