Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.40.6: नारद बोले, "भद्र! मैं तुमसे कोई ऐसी बात कहने को नहीं कहूँगा जो बताने योग्य न हो अथवा तुम्हारे विषय से बाहर हो। सुमुखी! मैं तुम्हारे मुख से स्त्रियों के स्वभाव का वर्णन सुनना चाहता हूँ।" | mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारद बोले, "भद्र! मैं तुमसे कोई ऐसी बात कहने को नहीं कहूँगा जो बताने योग्य न हो अथवा तुम्हारे विषय से बाहर हो। सुमुखी! मैं तुम्हारे मुख से स्त्रियों के स्वभाव का वर्णन सुनना चाहता हूँ।"
Narada said, "Bhadra! I will not ask you to tell me something that is not worth telling or is not your subject. Sumukhi! I want to hear the description of the nature of women from your mouth."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥