Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.40.22: ब्रह्मन्! यदि स्त्रियों को पुरुष न मिले और उनके पति भी चले गए हों, तो वे कृत्रिम साधनों से आपस में मैथुन करती हैं। 22॥ | mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि पुंसां गतिर्ब्रह्मन् कथंचिन्नोपपद्यते।
अप्यन्योन्यं प्रवर्तन्ते न हि तिष्ठिन्ति भर्तृषु॥ २२॥
अनुवाद
ब्रह्मन्! यदि स्त्रियों को पुरुष न मिले और उनके पति भी चले गए हों, तो वे कृत्रिम साधनों से आपस में मैथुन करती हैं। 22॥
Brahman! If it is not possible for women to find a man and their husbands have also gone away, then they indulge in sexual intercourse among themselves through artificial means. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥