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mahabharat 13.40.20: जो स्त्रियाँ अपने पतियों द्वारा बहुत सम्मान और प्रेम पाती हैं तथा जिनकी सदैव अच्छी देखभाल की जाती है, वे भी घर में आने-जाने वाले कुबड़े, अंधे, गूंगे और बौनों के साथ उलझ जाती हैं। 20.   |   mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.40.20 
याश्च शश्वद् बहुमता रक्ष्यन्ते दयिता: स्त्रिय:।
अपि ता: सम्प्रसज्जन्ते कुब्जान्धजडवामनै:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जो स्त्रियाँ अपने पतियों द्वारा बहुत सम्मान और प्रेम पाती हैं तथा जिनकी सदैव अच्छी देखभाल की जाती है, वे भी घर में आने-जाने वाले कुबड़े, अंधे, गूंगे और बौनों के साथ उलझ जाती हैं। 20.
 
Women who are well respected and loved by their husbands and who are always well looked after, also get entangled with the hunchbacks, the blind, the dumb and the dwarfs who come and go in the house. 20.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)