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mahabharat 13.40.19: ऐसी स्वेच्छाचारी स्त्रियों का चरित्र देखकर, जो जवान हैं और सुन्दर आभूषण तथा अच्छे वस्त्र पहनती हैं, अनेक उत्तम कुल की स्त्रियाँ भी उनके समान बनने की इच्छा करने लगती हैं॥19॥   |   mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.40.19 
यौवने वर्तमानानां मृष्टाभरणवाससाम्।
नारीणां स्वैरवृत्तीनां स्पृहयन्ति कुलस्त्रिय:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ऐसी स्वेच्छाचारी स्त्रियों का चरित्र देखकर, जो जवान हैं और सुन्दर आभूषण तथा अच्छे वस्त्र पहनती हैं, अनेक उत्तम कुल की स्त्रियाँ भी उनके समान बनने की इच्छा करने लगती हैं॥19॥
 
Seeing the character of such self-willed women who are young and wear beautiful jewelry and good clothes, many women of good family also start wishing to become like them.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)