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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना
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श्लोक 18
श्लोक
13.40.18
न भयान्नाप्यनुक्रोशान्नार्थहेतो: कथंचन।
न ज्ञातिकुलसम्बन्धात् स्त्रियस्तिष्ठन्ति भर्तृषु॥ १८॥
अनुवाद
स्त्रियाँ भय, दया, धन के लोभ, जाति या कुल के बंधन के कारण अपने पति के साथ नहीं रहतीं ॥18॥
Women do not stay with their husbands out of fear, pity, greed for money, or ties of caste or family. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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