Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.40.15: जो पुरुष किसी स्त्री से प्रेम करता है, उसके समीप आता है, तथा उसकी थोड़ी-सी सेवा करता है, वही कन्याएँ उसे पसंद करने लगती हैं ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.40.15 
स्त्रियं हि य: प्रार्थयते संनिकर्षं च गच्छति।
ईषच्च कुरुते सेवां तमेवेच्छन्ति योषित:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो पुरुष किसी स्त्री से प्रेम करता है, उसके समीप आता है, तथा उसकी थोड़ी-सी सेवा करता है, वही कन्याएँ उसे पसंद करने लगती हैं ॥15॥
 
The man who loves a woman, comes close to her, and does a little service to her, is the one the girls start liking. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)