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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम
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श्लोक 61-62h
श्लोक
13.4.61-62h
एतत् ते सर्वमाख्यातं तत्त्वेन भरतर्षभ॥ ६१॥
विश्वामित्रस्य वै जन्म सोमसूर्याग्नितेजस:।
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार मैंने सोम, सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी विश्वामित्र के जन्म का सम्पूर्ण वृत्तांत आपसे कहा है। 61 1/2॥
Bharatshrestha! In this way I have told you the entire story of the birth of Vishwamitra, who is as bright as Soma, Surya and Agni. 61 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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